सरकारी भूमि पर अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट सख्त

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट सख्त



नैनीताल। देहरादून के विकासनगर क्षेत्र स्थित उमेदपुर में सरकारी नाले की भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रशासन से जवाब तलब किया है। अदालत ने जिलाधिकारी देहरादून और संबंधित वन अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।

जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि बरसाती नाले की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर उसका उपयोग निजी उद्देश्यों के लिए किया गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि पूर्व में हुई जांच में भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि कुछ स्थानों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है तथा शेष क्षेत्र का सीमांकन और आवश्यक कार्रवाई जारी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जवाब मांगा है।

यह मामला सरकारी भूमि की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।







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