कांग्रेस ने लगाया एसआईआर में फर्जीवाड़े का आरोप

कांग्रेस ने लगाया एसआईआर में फर्जीवाड़े का आरोप

देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने एक बार फिर निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में फॉर्म-7 के जरिए बड़े पैमाने पर आपत्तियां दर्ज किए जाने, एक ही व्यक्ति की और से 150 से अधिक आपत्तियां दाखिल किए जाने तथा अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में एक ही आपत्तिकर्ता की और से आवेदन करने के मामलों की जांच की मांग की गई।

गोदियाल ने कहा कि फॉर्म-10 में उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से कई गंभीर और असामान्य तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की और से 30 जुलाई, 6 अगस्त और 10 अगस्त को लगातार शिकायत किए जाने के बावजूद एक ही प्रकार की आपत्तियां बड़ी संख्या में ऑनलाइन दाखिल किए जाने का सिलसिला जारी है।

कांग्रेस के बीएलए-2 स्तर के कार्यकर्ताओं ने भी इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई हैं। गोदियाल के मुताबिक, सत्यापन के दौरान ऐसे कई मतदाता अपने घोषित पते पर निवास करते हुए पाए गए हैं, जिनके खिलाफ फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इससे आपत्तियों की वास्तविकता और प्रामाणिकता पर सवाल खड़े होते हैं।

प्रतिनिधिमंडल में विधायक अनुपमा रावत, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, एसआईआर समिति सदस्य एवं प्रदेश सचिव अमेन्द्र सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता एवं चार्जशीट कमेटी सदस्य डॉ. प्रतिमा सिंह, एडवोकेट संदीप चमोली, राकेश नेगी, विनोद कुमार, सुरभि शाह, डिंपल व नितिन बिष्ट आदि मौजूद रहे।

कांग्रेस ने फॉर्म-10 के आंकड़ों और आपत्तिकर्ताओं की सूची के आधार पर दावा किया है कि कुछ लोगों ने 150 से अधिक आपत्तियां दाखिल की हैं। वहीं कई आपत्तिकर्ताओं ने अलग-अलग बूथों और विधानसभा क्षेत्रों में 50 से 150 तक फॉर्म-7 दाखिल किए हैं। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि असामान्य संख्या में फॉर्म-7 दाखिल करने वाले आपत्तिकर्ताओं की तत्काल विस्तृत जांच कराई जाए। किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम केवल ऑनलाइन फॉर्म-7 के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए। नाम हटाने से पहले संबंधित बीएलओ द्वारा अनिवार्य रूप से स्थलीय सत्यापन कराया जाए और नियमानुसार रिपोर्ट तैयार की जाए।

ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि निर्वाचक नामावली से संबंधित गलत घोषणा और झूठी जानकारी के मामलों में कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि किसी व्यक्ति की और से जानबूझकर झूठी, दुर्भावनापूर्ण अथवा वास्तविकता से परे आपत्तियां दाखिल की गई हैं तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।


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