देहरादून। जोशीमठ हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद जिला प्रशासन के साथ ही राज्य सरकार भी एक्शन में आ गई है। सीएम धामी ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया है। सीएम धामी ने संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने तथा सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। घटनास्थल पर पहुंचने और हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों की तलाश के लिए जमीनी एवं हवाई स्तर पर सघन अभियान चलाया जा रहा है।
वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी घटना की जानकारी ली है। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित विभाग एवं बचाव एजेंसियों को पूरी तत्परता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा यात्रियों की सुरक्षा एवं उन्हें शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. शासन एवं प्रशासन स्तर पर अभियान की लगातार समीक्षा की जा रही है।
श्री बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा आ रहे ट्रांस भारत कंपनी के सिविल हेलीकॉप्टर के हाथी पर्वत (जिला-चमोली) क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका के संबंध में सूचना प्राप्त होते ही तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने तथा सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। घटनास्थल पर पहुंचने और हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों की तलाश के लिए जमीनी एवं हवाई स्तर पर सघन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने भी घटना की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा एवं उन्हें शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन एवं प्रशासन स्तर पर अभियान की लगातार समीक्षा की जा रही है।
उधर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगौली तथा पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ द्वारा भी लगातार घटना की निगरानी की जा रही है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा उन्हें राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी जा रही है।
मुख्य सचिव ने कहा कि हेलीकॉप्टर से संबंधित घटना की सूचना मिलते ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सभी संबंधित विभागों एवं बचाव एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।घटनास्थल पर शीघ्र पहुंचने और हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों की तलाश के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने बताया कि शुक्रवार को अपराह्न लगभग 02.00 बजे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली द्वारा सूचना दी गई कि ट्रांस भारत कंपनी का एक सिविल हेलीकॉप्टर, जिसमें 05 यात्री तथा 01 पायलट सवार थे, श्री बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर आ रहा था। सेना की सिग्नल सेंटर टीम द्वारा उक्त क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठता हुआ तथा उसे तेजी से नीचे की ओर जाते हुए देखा गया।
सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन चमोली द्वारा तत्काल घटना का संज्ञान लेते हुए एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस एवं जिला आपदा प्रबंधन की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। इसके साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी संबंधित एजेंसियों एवं चिकित्सा संस्थानों, जिनमें बेस अस्पताल श्रीनगर, एम्स ऋषिकेश तथा संबंधित स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं, को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से तत्काल दूरभाष पर घटना की जानकारी ली तथा राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
घटना की जानकारी मिलते ही उपाध्यक्ष, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेनि) तथा अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी श्री राजकुमार नेगी राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच संचालित समन्वय एवं राहत-बचाव अभियान की निगरानी की।
सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने बताया कि घटना की सूचना प्राप्त होते ही राज्य एवं जिला स्तर पर सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल सक्रिय कर दिया गया है। घटनास्थल की स्थिति का पता लगाने तथा वहां तक पहुंचने के लिए जमीनी और हवाई दोनों माध्यमों से प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यूकाडा के एक रेकी हेलीकॉप्टर तथा एक रिट्रीवर हेलीकॉप्टर के माध्यम से घटनास्थल की हवाई रेकी की जा रही है। इसके अतिरिक्त सहस्त्रधारा से एसडीआरएफ की एक अन्य टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई है।
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) October 30, 2026
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि शुक्रवार को 02.00 बजे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली द्वारा सूचना दी गई कि ट्रांस भारत कंपनी का एक सिविल हेलीकॉप्टर, जिसमें 5 यात्री तथा 1 पायलट सवार थे, बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर आ रहा था। सेना की सिग्नल सेंटर टीम द्वारा उक्त क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठता हुआ तथा उसे तेजी से नीचे की ओर जाते हुए देखा गया।
सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन चमोली द्वारा तत्काल घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ),, स्थानीय पुलिस एवं जिला आपदा प्रबंधन की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। इसके साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी संबंधित एजेंसियों एवं चिकित्सा संस्थानों, जिनमें बेस अस्पताल श्रीनगर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश तथा संबंधित स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं, को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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