- सदन में रेखा आर्या पर विपक्ष ने बोला हमला
- कांग्रेसियों ने वेल में आकर काले झंडे़े लहराये
भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के अंतिम दिन बुधवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़ा विवाद सदन में छाया रहा। कांग्रेस विधायकों ने मंत्री को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति के आरोपों पर जवाब मांगा। विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते हुए काले झंडे दिखाए और ‘210 करोड़ के झुमके का हिसाब दो’ जैसे नारों से सरकार को घेरा।
उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपों की सत्यता की जांच होनी चाहिए। किसी भी आरोप को बिना जांच के सच मानकर हंगामा करना उचित नहीं है। वहीं, नाराज विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने फोटो सेशन का भी बहिष्कार किया।
सदन में गूंजे झुमके के नारे, विपक्ष ने मांगा जवाब
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। विपक्ष ने मंत्री रेखा आर्या से जुड़े विवाद के साथ ही प्रदेश के अन्य मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरा। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की।
सदन के भीतर भी विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई। कांग्रेस विधायकों ने कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति के आरोपों का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा। ‘210 करोड़ का झुमका कहां गिरा’ जैसे नारों ने सदन का माहौल गरमा दिया। विपक्ष का कहना था कि मंत्री से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सरकार को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और कई बार स्थगन की स्थिति बनी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
आरोपों की सच्चाई जांच से सामने आएगीः धामी
मंत्री रेखा आर्या के मुद्दे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब करीब 22 से 24 वर्षों तक दोनों साथ रहे, तब इस तरह के विवाद सामने नहीं आए। मुख्यमंत्री के अनुसार, जब मंत्री ने कथित तौर पर गलत बातों को मानने से इनकार किया, तब विवाद खड़ा हो गया।
पति-पत्नी के विवाद से शुरू हुआ मामला
रेखा आर्या प्रकरण ने अक्टूबर में उस समय नया मोड़ लिया, जब मंत्री ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कथित मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक टिप्पणी और जान से मारने की धमकी जैसे आरोप लगाए गए। इसके बाद गिरधारी लाल साहू की ओर से जारी एक वीडियो में रेखा आर्या पर लगभग 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की। वहीं, रेखा आर्या ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया और अपनी आय तथा वित्तीय विवरणों का रिकॉर्ड उपलब्ध होने की बात कही। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित की गई है, और गिरफ्तारी के लिये टीम दबिश दे रही हैं।













