देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करते हुए असहाय विधवा क्षमा परवीन को बड़ी राहत प्रदान की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर प्रशासन ने न केवल उनका बैंक ऋण माफ करवाया, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा और भविष्य को भी सुरक्षित करने की पहल की।
समा परवीन ने वर्ष 2014 में अपनी बेटी के विवाह के लिए डीसीबी बैंक से करीब सवा लाख रुपये का ऋण लिया था। उसी वर्ष उनके पति का निधन हो गया, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया। इसके बाद वर्ष 2020 में कोविड-19 के दौरान उनकी बड़ी विवाहित बेटी का भी निधन हो गया। लगातार विपरीत परिस्थितियों के चलते वह शेष ऋण चुकाने में असमर्थ रहीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया और बैंक से समन्वय स्थापित कर ऋण को वन टाइम सेटलमेंट (OTS) के तहत निस्तारित कराया। साथ ही, बैंक से नो ड्यूज प्रमाण पत्र (NOC) भी जारी कराया गया। सेटलमेंट के बाद बची 33 हजार रुपये की राशि भी जिलाधिकारी के निर्देश पर जमा कराई गई।
इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन ने परिवार की अन्य समस्याओं का भी समाधान किया। छोटी बेटी फैजा की पढ़ाई को “नंदा-सुनंदा योजना” के तहत पुनः शुरू कराते हुए उसकी 27 हजार रुपये की फीस जमा कराई गई। वहीं, 5 वर्षीय नातिन आयरा को आरटीई (Right to Education) के तहत नजदीकी निजी विद्यालय में दाखिला दिलाया गया। दाखिले में आ रही आय प्रमाण पत्र की बाधा को भी मौके पर ही दूर कर दिया गया।
वर्तमान में समा परवीन पर तीन अविवाहित बेटियों, एक पुत्र और नन्ही नातिन के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी है। ऐसे कठिन समय में जिला प्रशासन उनके लिए सहारा बनकर सामने आया है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन जरूरतमंद और असहाय नागरिकों की मदद के लिए सदैव तत्पर है और ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर राहत प्रदान की जाएगी






