देहरादून। नाबालिग को डेट लाख में बेचने वाली मां ने रकम न मिलने पर अपहरण की कहानी को जन्म दिया। पुलिस ने चार लोगो को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार श्रीमती नीलम देवी निवासी नागल हटनाला, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून के द्वारा अपनी नाबालिक पुत्री का अपहरण होने के सम्बन्ध में एक शिकायती प्रार्थना पत्र थाना राजपुर में दिया गया।
प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना राजपुर पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया। प्रकरण की संवेदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा नाबालिग की सकुशल बरामदगी तथा आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु थाना राजपुर पर पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरों के अवलोकन के साथ-साथ मैनुवल पुलिसिंग के माध्यम से अपहृत नााबालिग के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई तो उक्त अपहृत नाबालिग के मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में होने की जानकारी पुलिस टीम को प्राप्त हुई, जिस पर तत्काल एक टीम को मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश रवाना किया गया।
#SSP_देहरादून के नेतृत्व में दून पुलिस का बड़ा खुलासा,
नाबालिक युवती के अपरहण की घटना का दून पुलिस ने किया पर्दाफाश,
घटना से जुडी हर कडी को जोडते हुए पुलिस पहुंची घटना की तह तक,
पीडित नाबालिग की माँ ही निकली पूरे प्रकरण की सूत्रधार, pic.twitter.com/RMYULYZdLh
— Dehradun Police Uttarakhand (@DehradunPolice) August 3, 2026
जहां पुलिस टीम द्वारा गोपनीय रूप से जानकारियां प्राप्त करते हुए नाबालिग युवती के अपहरण में शामिल 02 आरोपियों मनीष पुत्र राजकुमार व लवी कुमार पुत्र बिल्लू को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से नाबालिग युवती को बरामद किया गया। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करने पर लवी कुमार द्वारा पिंकी मलिक नाम की एक महिला के माध्यम से उक्त नाबालिग को उसकी माता नीलम देवी से डेढ लाख रूपये में खरीदना बताया गया, जिसे उसने 02 लाख में मनीष को बेचा था, जिसने विवाह के लिए लवी कुमार से उक्त युवती को खरीदा था।
आरोपियों से पूछताछ के आधार पर प्रकाश में आए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना में शामिल पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर तथा नीलम देवी को आईटी पार्क सहस्त्रधारा रोड से गिरफ्तार किया गया। जांच में दौरान प्रकाश में आये तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ में नीलम देवी द्वारा बताया गया कि पिंकी मलिक से उसकी मुलाकात कुछ समय पूर्व देहरादून में एक समारोह के दौरान हुई थी।
आपसी बातचीत के दौरान पिंकी मलिक द्वारा उसे एक युवती की आवश्यकता होने तथा उसके एवज में अच्छा पैसा देने की पेशकश की गई थी, जिस पर अभियुक्ता द्वारा उसे अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने की बात बताते हुए अपनी नाबालिग पुत्री उम्र 15 वर्ष को उसे देने तथा उसके एवज में डेढ लाख रूपये की मांग की गई थी। सौदा तय होने पर पिंकी मलिक द्वारा उक्त युवती को अपनी पहचान के एक व्यक्ति लवि कुमार निवासी मुजफ्फरनगर को तथा लवि कुमार द्वारा उसे आगे मनीष नाम के एक व्यक्ति को 02 लाख रूपये में बेच दिया।
प्राप्त रकम में से 80 हजार रूपये नीलम देवी को देते हुए शेष पैसा कुछ समय बाद देने की बात कही गई। तय समय के बाद भी सौदे की पूरी रकम न मिलने व नाबालिग को बेचने के अपराध में पकडे जाने के डर से नीलम देवी द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की झूठी कहानी गढते हुए पुलिस में एक झूठी रिर्पोट दी गई। परन्तु पुलिस द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण की गहनता से जांच कर घटना से जुडी हर कडी को जोडते हुए नाबालिग की खरीद-फरोख्त के प्रकरण का खुलासा कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। प्रकरण में पुलिस द्वारा घटना में शामिल सभी आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उनके पूर्व में भी इस प्रकार के प्रकरणों से जुडे होने सहित अन्य सभी सम्भावित पहलुओं के संबंध मे विरूतृत जानकारी की जा रही है।






