- आतंकी शहजाद ने टास्क पूरा करने के लिए विक्रांत को उपलब्ध कराई थी पिस्टल
- पाकिस्तानी आतंकियों के साथ विक्रांत की बातचीत से कई प्रमाण मिले
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले एसटीएफ और थाना प्रेमनगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। संयुक्त टीम ने झाझरा से पाकिस्तानी आतंकियों के इशारे पर काम करने वाले विक्रांत कश्यप को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में विक्रांत कश्यप ने कई बड़े अहम खुलासे किये हैं। इन खुलासों के बाद दून में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान पता चला है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन अल बद्र ब्रिगेड से जुड़े आतंकी शहजाद भुट्टो ने विक्रांत कश्यप को टास्क पूरा करने के लिए पिस्टल उपलब्ध कराई थी। विक्रांत के पास विदेश में बनी पिस्टल भी बरामद भी की गई है। वह हिंदू आस्था से जुड़े कुछ स्थानों को भी निशाना बनाने की तैयारी में था।
पाकिस्तानी आतंकियों के साथ विक्रांत की बातचीत से कई प्रमाण मिले हैं। इसमें हैंड ग्रेनेड से हमले जैसी बातें की गई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को दिल्ली में एक संगठन के कार्यकर्ताओं पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने का टास्क भी दिया गया था।
जांच में खुलासा हुआ कि बार-बार वह पाकिस्तान में बैठे अपने पाकिस्तानी आतंकियों से पूछ रहा था कि कहां आलू गिराने हैं। उधर से जवाब आता था कि अभी वेट करो। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आलू गिराने जैसे शब्दों का इस्तेमाल हैंड ग्रेनेड हमलों के लिए किया जाता था। इन सभी कामों के बदले उसे नेपाल के रास्ते दुबई भेजकर बसाने और मोटी रकम देने का लालच दिया गया था।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया शुरुआती जांच में पता चला है कि इसी आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों ने पंजाब में हैंड ग्रेनेड से हमले किए थे। फरवरी 2026 में पंजाब के गुरदासपुर में एक पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड की हत्या के तार भी इसी गैंग के लोगों से जुड़ रहे हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात की कड़ी जोड़ रही हैं कि विक्रांत कश्यप किस तरह से उस नेटवर्क का हिस्सा था, जो देश के अलग-अलग राज्यों में हमलों की साजिश रच रहा था।
साथ ही विक्रांत के पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और चौट्स की जांच की जा रही है। जिससे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। फिलहाल एजेंसी विक्रांत कश्यप के अन्य साथियों और उसके संपर्क में रहे लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही जांच का दायरा उत्तराखंड से बाहर अन्य राज्यों में भी बढ़ाया गया है।






