खटीमा। बीते एक अप्रैल से प्रदेश में गेहूं तोल के शासनादेश लागू होने के बाद भी खटीमा मंडी में किसानों की गेहूं तोल ना हो पाने की वजह से किसानों में भारी आक्रोश है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले स्थानीय किसानों ने खटीमा तहसील में जोरदार धरना प्रदर्शन कर गेहूं तोल जल्द शुरू करने की मांग की। उन्होंने शासन प्रशासन को चेतावनी दी कि जल्द गेहूं तोल शुरू नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
खटीमा में गेहूं खरीद केंद्रों पर तौल शुरू न होने से भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने एसडीएम खटीमा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर तत्काल खरीद शुरू कराने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि दो दिनों में तौल शुरू नहीं हुई तो जिले भर के किसान आंदोलन को बाध्य होंगे। जिलाध्यक्ष मनजिन्दर सिंह भुल्लर की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि पूरे जिले में किसानों के साथ धोखा हो रहा है। गेहूं खरीद के लिए खोले गए केंद्रों पर 15 दिन से बैनर लगाकर तौल केंद्र खोल दिए गए हैं, लेकिन अभी तक तौल शुरू नहीं की गई।
यूनियन का कहना है कि फसल लगाने के लिए किसानों ने कर्ज लिया था। अब कर्ज चुकाने का दबाव बनाया जा रहा है। तौल केंद्र बंद होने से किसान बिचौलियों को सस्ते दाम पर गेहूं बेचने को मजबूर हैं। लगातार कर्ज के बोझ से किसान मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं, कई किसानों को भूमि बेचने तक की नौबत आ रही है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि किसानों को यूरिया और डीएपी खाद समय पर नहीं मिल पाया। इससे मक्का और चौनी धान की फसल खाद के अभाव में खराब हो रही है।
भाकियू ने मांग की कि गेहूं क्रय केंद्रों पर अगर तौल शुरू नहीं हुई तो जिले भर में आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। वहीं उन्होंने इस दौरान तोल केंद्रों में तोल शुरू ना होने पर आत्मदाह की भी चेतावनी प्रशासन को दी। खटीमा एसडीएम तुषार सैनी ने कहा कि किसान यूनियन के ज्ञापन के माध्यम से तोल शुरू करने एवं लिमिट बढ़ाने की मांग की है। इस मामले में प्रक्रिया गतिमान है जैसे ही आदेश प्राप्त होंगे तोल शुरू करा दी जाएगी। वहीं उन्होंने किसान यूनियन से धैर्य बनाए रखें किसी भी तरह से कानून को हाथ में ना लेने की अपील की।






