- हकीकत में सिर्फ एक मदरसा था अनुदानित
- कैबिनेट के फैसले को सरकार ने प्रमुख उपलब्धि बताया
- मदरसा रहमानिया में एक दशक से नही हुई नई नियुक्ति
- दो शिक्षकों के सहारे चल रहा था मदरसा, उनको भी मार्चें से नहीं मिला वेतन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अधिक सुर्खियां ‘वित्तीय वर्ष 2027-28 से मदरसों को मिलने वाले अनुदान बजट को समाप्त करने’ के फैसले ने बटोरीं। सरकार ने इसे कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों में शामिल किया, लेकिन इस फैसले की वास्तविक तस्वीर कुछ अलग है।
प्रदेश में वर्तमान समय में ’केवल एक मदरसा ही अनुदानित’ है। यह अनुदान व्यवस्था उत्तर प्रदेश के समय से चली आ रही है। इस मदरसे में शिक्षकों के वेतन के लिए हर वर्ष करीब ’40 लाख रुपये’ का बजट निर्धारित था। हालांकि पिछले करीब दस वर्षों से यहां किसी नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई।
अब सिर्फ दो शिक्षक, वेतन भी रुका
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में इस मदरसे में अनुदान से वेतन प्राप्त करने वाले केवल ’दो शिक्षक’ ही कार्यरत हैं। इन दोनों को भी ’मार्च 2026 से वेतन नहीं मिला है।’ ऐसे में जिस अनुदान मद को समाप्त करने का फैसला सरकार ने बड़े निर्णय के रूप में प्रस्तुत किया है, उसका वास्तविक दायरा पहले से ही बेहद सीमित था।
राजनीतिक संदेश ज्यादा, वित्तीय असर कम
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मदरसा अनुदान समाप्त करने का फैसला प्रतीकात्मक और राजनीतिक संदेश देने वाला अधिक दिखाई देता है, क्योंकि प्रदेश में किसी अन्य मदरसे को सरकारी अनुदान नहीं मिल रहा था। ऐसे में इस निर्णय से सरकारी खजाने पर पड़ने वाला वास्तविक वित्तीय प्रभाव भी बहुत सीमित माना जा रहा है। हालांकि सरकार का पक्ष है कि वह सभी अनुदान योजनाओं की समीक्षा कर संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में काम कर रही है। वहीं विपक्ष इस फैसले को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करार दे सकता है।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- पिथौरागढ़ स्थित सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए 14.857 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि हस्तांतरित की जाएगी।
- बाबूग्राम, चौवन बग्गा और बिंदुखत्ता के निवासियों को भूमिधरी अधिकार देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनेगी।
- उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी।
- श्रीनगर (गढ़वाल) में पीएम पोषण योजना के तहत अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीय रसोईघर से स्कूली बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
- उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा।
- हरिद्वार कुंभ-2027 की समवर्ती लेखा परीक्षा के लिए नए पद सृजित किए जाएंगे।
- विदेशों में रोजगार के बेहतर संचालन के लिए पीएमयू गठन और सात नए पदों को मंजूरी।
- वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ में दो नए पद तथा उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 को स्वीकृति।
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