वन मंत्री ने कहा, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने पर दें विशेष जोर
देहरादून। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को राज्य वन मुख्यालय में वन विभाग की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी परियोजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध वन संपदा का संरक्षण और संवर्धन राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
समीक्षा बैठक में वन संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष, जैव विविधता संरक्षण, वनीकरण, प्राकृतिक पुनर्वनीकरण, वनाग्नि प्रबंधन तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। वन मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई की जाए। आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने के साथ स्थानीय समुदायों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए, ताकि इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
आज राज्य वन मुख्यालय, देहरादून में विभागीय कार्यों के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रतिभाग किया।
बैठक के दौरान वन विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, वन संरक्षण, वनीकरण, जैव विविधता के संवर्धन,… pic.twitter.com/onM7zXZKUR
— Subodh Uniyal (@SubodhUniyal1) July 10, 2026
उन्होंने वनीकरण एवं प्राकृतिक पुनर्वनीकरण के कार्यों में तेजी लाने तथा वनाग्नि की रोकथाम के लिए मजबूत और प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सुबोध उनियाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता का संवर्धन केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है।
राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा और भावी पीढ़ियों के लिए हरित एवं समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण के लिए लगातार कार्य कर रही है। बैठक में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी कार्ययोजना पर मंत्री को विस्तार से जानकारी दी।
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