देहरादून। फर्जी शस्त्र लाईसेंस बनाकर पिस्टल व रिवाल्वर लेकर अपनी हनक दिखाने वाले तीन लोगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हथियार बरामद कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एसटीएफ ने उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आज यहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ द्वारा बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर उत्तराखण्ड की शस्त्र पंजिकाओं में दर्ज किए गए शस्त्र लाईसेन्सों में अनियमितताध्फर्जी होने की संभावना के दृष्टिगत जांच की जा रही है। जांच के क्रम में जनपद ऊधमसिंहनगर में संचालित अवैध एवं कूटरचित शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में भी महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आए हैं।
जांच में पाया गया कि नौशाद हुसैन सहित 10 व्यक्तियों द्वारा जनपद शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश से निर्गत दर्शाए गए शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर स्थित गन हाउस से शस्त्र क्रय किए गए थे। एसटीएफ द्वारा संबंधित शस्त्र लाइसेंसों, शस्त्र क्रयकृविक्रय अभिलेखों, सत्यापित प्रतियों एवं अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया गया तथा जिलाधिकारी कार्यालय शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश से अभिलेखीय सत्यापन कराया गया।
प्राप्त आख्या में यह तथ्य प्रकाश में आया कि संबंधित व्यक्तियों के नाम से कोई शस्त्र लाइसेंस निर्गत नहीं किया गया था तथा प्रस्तुत लाइसेंसों के क्रमांक अन्य व्यक्तियों के नाम पर निर्गत पाए गए। इस प्रकार प्रस्तुत शस्त्र लाइसेंस प्रथम दृष्टया कूटरचित एवं फर्जी पाए गए। उपलब्ध साक्ष्यों एवं जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर एसटीएफ द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में काशीपुर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
उसी मुकदमें में देर रात्रि 03 नौशाद हुसैन पुत्र लियाकत हुसैन निवासी मोहला थाना साबिक काशीपुर जिला उधम सिंह नगर, बरामदगी 1 पिस्टल 30 बोर 28 कारतूस व कूटरचित लाइसेंस, जतिन कांडपाल पुत्र पूरन चन्द्र कांडपाल निवासी चामुंडा मंदिर थाना काशीपुर उधम सिंह नगर – बरामदगी 1 पिस्टल 32 बोर, 18 कारतूस व कूटरचित लाइसेंस अजीम पुत्र नन्हे पहलवान निवासी ग्राम व् पोस्ट सिन्धोली जनपद शाहजहाँ पुर उत्तरप्रदेश हाल निवासी थाना काशीपुर उधमसिंह नगर उत्तराखंड – 1 पिस्टल 30 बोर , 19 कारतूस व कूटरचित लाइसेंस को अवैध शस्त्र, कारतूसों व कूटरचित शस्त्र लाइंसेंस के साथ गिरफ्तार किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों एवं उनके धारकों का सत्यापन जारी है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे भी लगातार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। एसटीएफ द्वारा आमजन से भी अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति को फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है तो वह तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं, सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रखा जायेगा।






